गढ़वा की एक सड़कों पर स्थित किराए की इकाई में आज सुबह एक महिला खुद को फांसी देती है। घटनास्थल पर साक्षी उपस्थित हैं, जबकि स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचती है और जांच शुरू करती है। घटना के बाद पुलिस ने कथित रूप से स्थल के डैशबोर्ड कैमरे के रिकॉर्ड की समीक्षा करने का ज़िक्र किया है और इस स्थिति की गंभीरता पर बल दिया है।

साक्षियों के मुताबिक, आघात से पहले यह महिला एक पारंपरिक प्रथा के अनुसार ‘लव मैरिज’ कर चुकी थी। परन्तु, परिवार के विरोध और सामाजिक दबाव के कारण, वह मनोवैज्ञानिक रूप से भारावान हो गई। घटना के पीछे के जटिल कारणों को उजागर करने के लिए पुलिस कहती है कि आगे भी पूछताछ और शव परीक्षण जारी रहेंगे।

सामुदायिक नेताओं और पत्रकारों ने गढ़वा में ऐसे दुखद घटनाओं को रोकने हेतु महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर बात की है। वे बताती हैं कि समाज में अभी भी प्रेम विवाह के प्रति आरक्षण और असहिष्णुता मौजूद है, जिससे कई महिलाएं अपनी खातिर आत्महत्या करती हैं।

जांच अभी जारी है, और पुलिस ने कथित रूप से घटनास्थल से उड़ाई गई वीडियो फुटेज और रेजिडेंट्स से बयान लेने के लिए स्वयंसेवकों को बुलाया है। महिला की संपत्ति पर अभी भी संघर्ष जारी है, और परिवार को परामर्श देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।