गढ़वा के पाटी दृष्टि से, आज सुबह चैत छठ के भक्ति दिन पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। 8 बजे सुबह, नदी किनारे पर सजाए गए बेंचों पर परिवारों की भीड़ जमा हो गई। पारंपरिक कपड़े पहने पुरुषों और महिलाओं ने दही, फल और सूती गहूँ की छोटी थाली लेकर सूर्य के सामने Anathun का प्रदर्शन किया।

समारोह का नेतृत्व स्थानीय उप-नगर अजैनी मण्डल ने किया। मण्डल के अध्यक्ष ने बताया कि आज का दिन युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए शुभ माना जाता है। उपस्थित सभी ने पियोजा, कचूँजी और चदेल की पूजा करते हुए यह प्रार्थना की कि आने वाला वर्ष समृद्ध और स्वास्थ्यवर्धक हो।

पानी के तट पर दीपक जलाने के साथ ही सभी ने मिलकर अर्घ्य किया। रिवाज के अनुसार, सुबह के पहले साक्षात सूर्य को अर्घ्य देने से यह पावन दिन त्रिवेणी के साथ अनुरूप भव्य माना जाता है। सभी सहभागी ने आखिरी ओर भजन-गीत, झाँस और पंटिया केस के संगीत को गुनगुनाकर पूरा समारोह समाप्त किया।