इस ऐतिहासिक दिन पर, पेरिस जलवायु सम्मेलन के बाद, विश्व के 195 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों ने एक नया समझौता किया, जिसमें 2030 तक वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को 55 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया। इस कदम को वैश्विक जलवायु परिवर्तन से लड़ने का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

अनुबंध के तहत, विकसित और विकासशील दोनों प्रकार के देशों को वित्तीय सहायता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विशेष फंड का निर्माण किया गया। प्रमुख पारिस्थितिक नींवों और समुद्री संरक्षण क्षेत्र में भी पहलें शामिल हैं, जिससे जीवविविधता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।