कोपनहेगन ओलम्पिक के दौरान भारतीय खेलमोर्चे ने आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया। कुल 42 एथलीटों ने विश्व मंच पर अपनी चपलता और शौर्य का परिचय दिया, जिसमें 15 पुरुष और 27 महिला एथलीटों ने हिस्सेदारी की। सबसे बड़ा साहचर्य पश्चिम बंगाल के तीर लगाने वाले ध्रुव शरद ने तीन रेस में स्वर्ण जीतकर विश्व को चौंका दिया।

इसके अतिरिक्त, भारती विनायक ने पुरुष जैकड में कांस्य के साथ अपने देश के इतिहास में चार्लटन के बाद तीसरा सबसे अधिक मेडलिस्ट बना। टीम एथलेटिक्स ने मिलकर 4 स्वर्ण और 3 रजत मेडल दर्ज किए, जबकि कुश्ती में 2 स्वर्ण से भारत के लिए उच्चतम टोटल बन गय। यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए नई दिशा और प्रेरणा लेकर आई है।