शहर गढ़वा में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुए दंगों के हाल के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया। पुलिस और तानाशाह ने जुलूस के मार्ग को बंद कर दिया और वैकल्पिक रास्ते तय किए, ताकि भीड़ का प्रबंधन किया जा सके।

इस कदम का उद्देश्य वाद-विवाद और संभावित हिंसा को रोकना है। स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों की इस सक्रियता पर आभार व्यक्त किया, पर जुलूस में शामिल कुछ अनुभवी लोगों ने अनुकूलन के लिये निर्देशों का पालन करने की अपील की। अधिकारियों का यह यकीन है कि शांतिपूर्वक प्रगति पर केन्द्रित नीतियाँ लंबे समय तक शांति बनाए रखेंगी।

सिक्योरिटी हेवन के रूप में निर्धारित क्षेत्र को एक समय-सीमा के भीतर ‘छावनी’ के नाम से जाना जा रहा है। यह सुविधा उच्च प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस इकाइयों और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को मौजूद कराती है। परिचर्या और स्वच्छता सुविधाएँ भी शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुलाक़ात के दौरान स्पष्ट किया कि भविष्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा की प्राथमिकता बनी रहेगी, और इस तरह के अपवाद को फिर से देखने से बचने के लिये दण्ड नीति को कड़ा किया जाएगा।