विशेष संवाददाता | पुणे

यह कहानी महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की है। एक खूबसूरत पर्यटन स्थल, जहां लोग ट्रेकिंग और प्रकृति का आनंद लेने आते हैं, वहीं एक सुनियोजित साजिश के तहत एक मंगेतर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने होने वाले पति को 1200 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। यह कहानी है पुणे की सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और मृतक केतन अग्रवाल की। एक ऐसा लव ट्राएंगल जिसका अंत एक बेहद क्रूर और ठंडे दिमाग से की गई हत्या के रूप में हुआ।

कौन हैं मुख्य पात्र?

- केतन अग्रवाल (26 वर्ष): पुणे के एक जाने-माने और संपन्न व्यवसायी परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह अपने परिवार की रियल एस्टेट फर्म, सक्सेस ग्रुप में निदेशक (डायरेक्टर) थे। केतन को एक मेहनती, हंसमुख और जिंदादिल इंसान बताया जाता है, जिनकी शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। - सिया गोयल (20 वर्ष): पुणे के ही एक ड्राई-फ्रूट्स के कारोबारी परिवार की बेटी। वह एक महत्वाकांक्षी युवती थी और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में भी सक्रिय थी। अप्रैल 2025 में उसकी सगाई केतन अग्रवाल से हुई थी और दोनों परिवार एक भव्य शादी की योजना बना रहे थे। - चेतन चौधरी (22 वर्ष): हरियाणा का रहने वाला, जो पुणे में एक निजी कंपनी में काम करता था। वह सिया गोयल का गुप्त प्रेमी था और इस हत्या की साजिश में सह-षड्यंत्रकारी बना।

सगाई, गुप्त प्रेम संबंध और साजिश की शुरुआत

अग्रवाल और गोयल परिवार, दोनों ही संपन्न और समाज में प्रतिष्ठित थे। दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से केतन और सिया की शादी तय की। अप्रैल 2025 में दोनों की भव्य सगाई हुई और एक लग्जरी शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। दुनिया की नजरों में यह एक परफेक्ट जोड़ी थी।

लेकिन पर्दे के पीछे, सिया एक और जिंदगी जी रही थी। वह चेतन चौधरी से प्यार करती थी और अपनी आने वाली शादी को अपनी खुशी की राह में सबसे बड़ी बाधा मानती थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सिया खुद को फंसा हुआ महसूस कर रही थी और उसने केतन को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। उसके लिए यही एकमात्र रास्ता था कि वह सामाजिक बदनामी और परिवार के कोप का सामना किए बिना अपने प्रेमी के साथ जिंदगी बिता सके। यह वही "लोग क्या कहेंगे" वाली सोच है जो समाज में कई त्रासदियों की जड़ बनती है।

जन्मदिन का बहाना और लोहागढ़ किले पर हत्या की सुनियोजित साजिश

हत्या की यह पूरी साजिश केतन के जन्मदिन के पूर्व-उत्सव के बहाने रची गई थी। घटनाक्रम इस प्रकार है:

- 28 जून, 2025: केतन के जन्मदिन (29 जून) से ठीक एक दिन पहले, सिया ने एक खास ट्रेकिंग ट्रिप का प्रस्ताव रखा। उसने केतन को लोहागढ़ किले की सैर पर चलने के लिए मनाया। केतन, अपनी मंगेतर के प्यार में पूरी तरह अंधा, खुशी-खुशी तैयार हो गया। - साजिश का खुलासा: सिया अकेली नहीं आई थी। उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी को भी साथ ले जाने की योजना बनाई, जो पहले से ही वहां मौजूद था। किले के सबसे ऊंचे और सुनसान हिस्से पर, 1200 फीट गहरी खाई के ठीक किनारे, उन्होंने अपनी साजिश को अंजाम दिया। सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से धक्का दे दिया। केतन बिना किसी को पुकारे गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के तुरंत बाद का नाटक और सुरक्षा गार्ड की गवाही

हत्या को अंजाम देने के तुरंत बाद, सिया ने एक सधी हुई चाल चली। वह किले से नीचे भागती हुई आई और वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड से चिल्लाकर बोली कि "उसका दोस्त फिसल कर खाई में गिर गया है।" यह पुलिस और परिवार को यह विश्वास दिलाने की पहली कोशिश थी कि यह एक दुर्घटना थी। सुरक्षा गार्ड ने ही पुलिस को यह बयान दिया, जो जांच का एक अहम हिस्सा बना। शुरुआत में पुलिस ने इसे एक ट्रेकिंग दुर्घटना मान लिया।

पुलिस जांच, CCTV फुटेज और चेतन का कबूलनामा

केतन के परिवार ने शुरू से ही दुर्घटना की बात पर संदेह जताया और सिया पर हत्या का आरोप लगाया। पुणे ग्रामीण पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की, तो सिया की कहानी में कई खामियां मिलीं। मामले में निर्णायक मोड़ निम्नलिखित सबूतों से आया:

1. CCTV फुटेज: पुलिस ने किले के आसपास और रास्तों पर लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस फुटेज में सिया, केतन और चेतन को एक साथ किले की ओर जाते हुए देखा गया। सबसे महत्वपूर्ण बात, फुटेज में घटना से पहले तीनों के बीच हुई बहस भी कैद हुई, जो "एक्सीडेंट" वाली कहानी को पूरी तरह झुठला देती है। 2. चेतन चौधरी की गिरफ्तारी और कबूलनामा: पुलिस减 ने चेतन चौधरी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। चेतन टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल लिया। उसने पुलिस को पूरी साजिश, प्रेम संबंध और हत्या के मकसद के बारे में विस्तार से बताया। यह कबूलनामा ही इस मामले को सुलझाने की मास्टर की साबित हुआ।

परिवार की प्रतिक्रिया: 'अगर बताया होता, तो हम रोक देते शादी'

इस पूरे मामले का सबसे दुखद और चौंकाने वाला पहलू सिया के परिवार की प्रतिक्रिया रही। पुलिस पूछताछ के दौरान, सिया के भाई साहिल गोयल ने जो बयान दिया, वह इस त्रासदी की जड़ को उजागर करता है। साहिल ने कहा, "अगर सिया ने हमें बताया होता कि वह केतन को पसंद नहीं करती, तो हम शादी रोक देते। हमने कभी उस पर कोई जबरदस्ती नहीं की थी। लेकिन उसने हमें कभी कुछ बताया ही नहीं।"

यह बयान समाज की उस सोच पर एक करारा तमाचा है जहां बच्चे अपनी भावनाओं को छुपाते हैं, और माता-पिता इस भ्रम में जीते हैं कि उनका बच्चा ऐसा कुछ कर ही नहीं सकता। सिया की मां ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी पाई जाती है, तो उसे सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। एक तरफ परिवार ने न्याय की मांग की, वहीं दूसरी तरफ यह बयान एक संवादहीनता की त्रासदी को भी सामने लाता है।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है। एक भव्य शादी की तैयारियां अब कानूनी कार्यवाही और दो परिवारों की बर्बादी में तब्दील हो चुकी हैं।

निष्कर्ष: डर, दिखावा और एक खतरनाक प्रवृत्ति

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है। यह हमारे समाज में बढ़ती एक खतरनाक प्रवृत्ति का प्रतीक है, जहां युवा अपनी निजी जिंदगी को लेकर परिवार से बात करने से डरते हैं, और यही डर उन्हें अपराध की ओर धकेल देता है। सोनम रघुवंशी केस से लेकर अब सिया गोयल तक, यह पैटर्न लगातार दोहराया जा रहा है—पारिवारिक प्रतिष्ठा और "लोग क्या कहेंगे" का दबाव, एक इंसान को कातिल बना सकता है। यह हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाएं, और हर युवा के लिए एक सबक कि सच बोलने की हिम्मत ही सबसे बड़ा समाधान है।

स्रोत: - हिंदुस्तान टाइम्स: सिया गोयल की पृष्ठभूमि और साजिश पर विस्तृत रिपोर्ट - NDTV: सुरक्षा गार्ड की गवाही, साहिल गोयल का बयान, और पुलिस जांच की प्रगति - द हिंदू: चेतन चौधरी के कबूलनामे और सीसीटीवी फुटेज पर रिपोर्ट - लाइवमिंट: सिया गोयल और आरोपों पर मामले की जानकारी