भारत के प्रमुख टेक दिग्गज, जैसे कि गूगल, फ़ेसबुक, अमेज़ॅन और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आर्टिफ़िशियल इंटेलिज़ेंस (AI) के क्षेत्र में नई रिसर्च और वर्कफ़ोर्स प्रोग्राम्स के माध्यम से करोड़ों नौकरियाँ सृजित करने का वादा कर रहे हैं। इन पहलों में AI प्रशिक्षण, डेटा एनोटेशन, मशीन लर्निंग मॉडल विकास और एथिकल एआई फोरम शामिल हैं, जो विकासशील इंजीनियरों से लेकर सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट्स तक हर स्तर के पेशेवरों को लक्षित करते हैं।
सरकार द्वारा भी डिजिटल इंडिया 2025 की योजना के तहत AI इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए निवेश का पूंजी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्टार्ट‑अप्स और SMEs को फंडिंग और टैलेंट पाइपलाइन तक आसान पहुँच मिलेगी। इससे तकनीकी कौशल पर आधारित नौकरियों के साथ-साथ ‘AI‑साक्षर’ इकोटॉम के भीतर नई भूमिकाएँ उत्पन्न हो रही हैं, जैसे कि एमएल मॉडल वेलिडेटर, एआई ऑडिटर, डेटा प्राइवेसी कंसल्टेंट आदि।

