झारखंड में किशोर स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर उमंग दिवस जैसे कार्यक्रमों की चर्चा रही है। गढ़वा जैसे जिलों में भी किशोरों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और सुरक्षित व्यवहार से जुड़ी सही जानकारी देने की जरूरत है।
डॉक्टरों का कहना है कि यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर चुप्पी कई बार गलत जानकारी को बढ़ावा देती है। किशोरों को उम्र के अनुसार वैज्ञानिक और संवेदनशील जानकारी मिले तो वे अफवाहों और जोखिम भरे फैसलों से बच सकते हैं।
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के जरिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने से लड़के और लड़कियां दोनों सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार सीख सकते हैं।

