गढ़वा में डैम में नहाने के दौरान बच्चों की डूबने की घटना ने जलाशयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्मी के मौसम में बच्चे और युवा अक्सर डैम, तालाब और नदी किनारे पहुंचते हैं, लेकिन कई जगह चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखती।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर गहराई, तेज बहाव और फिसलन के खतरे की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। स्कूलों और पंचायतों के माध्यम से बच्चों को जल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है।

प्रशासन से मांग की जा रही है कि खतरनाक घाटों की पहचान कर वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था की जाए। छोटे कदम कई परिवारों को बड़े हादसे से बचा सकते हैं।