गौरव के 12‑सिप्टम्बर को शाम के समय एक विवाह में दूल्हे के चश्मा पहनाने के अनुरोध पर जिदज़द दिखाई देती है। दूल्हे की माँ और पंडित के बीच यह विवाद बढ़ता है। इससे जिला के लोकल लोग हस्तक्षेप करते हैं और कानूनी हल निकालने का प्रयास करते हैं।

एरिना में वाद-मिवाद के दौरान एक बाराती, जो दूल्हे के परिवार का हिस्सा था, पिटाई के कारण गंभीर रूप से घायल हो जाता है। उसे मौके पर ही अस्पताल भेजा जाता है, परंतु 48 घंटे बाद उसकी मृत्यु हो जाती है। गवाहों का कहना है कि शारीरिक झगड़ा एक ही जगह पर हर सुबह दो बार दोहरा रहा था।

पुलिस ने तेजी से मौके पर पहुंचकर घटनास्थल सुरक्षित किया तथा मैदान के सभी उपस्थित लोगों से साक्षात्कार लिया। प्राधिकरण ने प्रपोज किया है कि इस मामले में फ़ौजदारी मामला दायर किया जाये, और जांच में अधिवेशन के साक्ष्यों के तौर पर कार्यवाही जारी रही।

इवेंट के संगठक एवं दूल्हे के परिवार के लोग इस बात से दुखी हैं कि ऐसी घटना उनके खास दिन पर घटें। वे आशा करते हैं कि भविष्य में ऐसे विवादों को घर बैठे हल किया जाये, और विवाह समारोह मात्र खुशी व एकता का प्रतीक बने।