गढ़वा में बारिश और बादलों की वजह से गर्मी से राहत मिली है। मई के आखिरी दिनों में झारखंड के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवा दर्ज की गई, जिसका असर उत्तर-पश्चिमी जिलों में भी देखा गया।

किसानों के लिए यह समय खरीफ तैयारी का है। खेतों की जुताई, बीज की उपलब्धता और सिंचाई की योजना मौसम के अनुसार तय होती है। समय पर बारिश होने पर धान और अन्य फसलों की तैयारी आसान हो सकती है।

कृषि जानकारों का कहना है कि किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए और जल्दबाजी में बुवाई से बचना चाहिए। स्थिर मानसून के बाद ही बड़े पैमाने पर खेती की तैयारी बेहतर रहेगी।