भारत ने नेपाल से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। केंद्र ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच के मामलों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। ऐसे विषयों पर समाधान दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से ही निकलेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सीमा, कूटनीति और क्षेत्रीय संपर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तेज है। भारत लंबे समय से पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से बातचीत को प्राथमिकता देता रहा है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल भारत के लिए रणनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी विवाद या मतभेद का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत और भरोसेमंद संवाद से ही संभव है।

