मानसून को देखते हुए जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के कार्यों को तेज करने की जरूरत बताई गई है। कई जगहों पर स्थानीय निकायों को नालों की सफाई और जलभराव रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का पानी बचाने से भूजल स्तर सुधरेगा और गर्मी के मौसम में जल संकट कम होगा।

