पलामू के अकौनी गांव के तीन अनाथ बच्चों की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की।

रिपोर्टों के अनुसार उपायुक्त ने बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क करने को भी कहा। ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया कमजोर वर्गों के लिए बड़ा सहारा बनती है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में ऐसे बच्चों की पहचान कर शिक्षा, पोषण, आवास और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं से जोड़ना जरूरी है।