पलामू में युवाओं के रिश्तों और प्रेम विवाह को लेकर समाज में अलग-अलग राय देखने को मिलती है। मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में रिश्ते तेजी से बनते हैं, लेकिन परिवार और समाज से संवाद की कमी कई बार तनाव बढ़ा देती है।
मनोवैज्ञानिक सलाहकारों का कहना है कि युवाओं को रिश्तों में भावनात्मक दबाव, असुरक्षा और गुस्से को संभालना सीखना चाहिए। रिश्ते में असहमति हो तो हिंसा, धमकी या ब्लैकमेल की जगह बातचीत और कानूनी रास्ता जरूरी है।
स्कूल-कॉलेज और सामुदायिक स्तर पर काउंसलिंग की व्यवस्था हो तो युवाओं और अभिभावकों दोनों को सही दिशा मिल सकती है।

