देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर सबकी नजर है। मौसम से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार मानसून केरल में 4 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। यह भारत के कृषि कैलेंडर और जल उपलब्धता के लिए बेहद अहम चरण है।

मानसून की शुरुआत के साथ दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह क्रमशः पश्चिमी तट, मध्य भारत और उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ता है। किसानों के लिए बुवाई की तैयारी और जलाशयों के स्तर पर इसका सीधा असर पड़ता है।

मौसम विभाग की आगे की अपडेट से यह स्पष्ट होगा कि मानसून की चाल सामान्य रहती है या इसमें कोई देरी आती है। गर्मी और जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों के लिए मानसून राहत लेकर आ सकता है।