देश की सर्वोच्च अदालत में पांच नए न्यायाधीशों ने शपथ ली है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। न्यायपालिका में लंबित मामलों और संस्थागत क्षमता की चर्चा के बीच यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नई नियुक्तियों में न्यायमूर्ति वी. मोहना का नाम भी प्रमुख है, जो सुप्रीम कोर्ट की पीठ में शामिल होने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश बनी हैं। इससे शीर्ष अदालत में प्रतिनिधित्व और विविधता को लेकर भी सकारात्मक संदेश गया है।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि लंबित मामलों के समाधान के लिए नियुक्तियों के साथ प्रक्रियागत सुधार भी जरूरी हैं।