सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र की परिभाषा और उससे जुड़ी रिपोर्ट की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय पैनल नियुक्त किया है। पर्यावरण संरक्षण और शहरी विस्तार के बीच संतुलन को देखते हुए यह मामला बेहद अहम माना जा रहा है।

अरावली पर्वतमाला दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान सहित कई क्षेत्रों की पारिस्थितिकी से जुड़ी है। भूजल, हरित क्षेत्र और प्रदूषण नियंत्रण में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए इसकी सीमा और संरक्षण से जुड़े फैसलों का बड़ा असर पड़ सकता है।

अदालत की पहल से पर्यावरणीय नियमों, खनन नियंत्रण और निर्माण गतिविधियों पर नई स्पष्टता आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरावली संरक्षण को लेकर वैज्ञानिक और कानूनी दृष्टिकोण दोनों जरूरी हैं।