आर्थिक आंकड़ों को मौजूदा बाजार ढांचे के अनुरूप बनाने के लिए सरकार ने Wholesale Price Index यानी WPI का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। यह बदलाव औद्योगिक उत्पादन, कीमतों और व्यापार संरचना में आए बदलावों को बेहतर ढंग से पकड़ने के लिए किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार सरकार 15 जून से Producer Price Index यानी PPI की नई श्रृंखला जारी करने की तैयारी में है। PPI उत्पादकों के स्तर पर कीमतों में बदलाव को मापता है और महंगाई के विश्लेषण में अलग दृष्टिकोण देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार आधार वर्ष बदलने से नीति निर्माण, महंगाई विश्लेषण और उद्योगों से जुड़े आर्थिक आकलन में ज्यादा सटीकता आ सकती है। कारोबारियों और निवेशकों की नजर अब नई श्रृंखला के पहले आंकड़ों पर रहेगी।