गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के एक विधायक, झामुमो, को अलकटरा घोटाले में सजा मिलने के डर से मानसिक संतुलन पर असर पड़ा है। विपक्षियों के आरोपों के बीच यह मामला और अधिक तीव्र हो गया है, जहाँ विधायक ने बार-बार अपनी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ों के अनुसार, अलकटरा घोटाले में कई राजनीतिक हस्तियाँ और राजनेता शामिल रहे हैं। झामुमो को भी इन दस्तावेज़ों में संदिग्ध गतिविधियों के लिए नामित किया गया है। वे अपनी नयी पोष्टर में, “कल से मुझे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव महसूस हो रहा है,” बताते हैं। उनका दावा है कि “सजा मिलने की चिंता मेरे लिए सबसे बड़ा बोझ है।”

साइडलाइन की जाँच के बाद, सरकार ने एक वकील दल को नियुक्त किया है। विधायक ने स्पष्ट किया कि वह कैद से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि “मेरी टीम ने इस मामले की पूरी जाँच कर ली है, और हमें विश्वास है कि सजा नहीं मिलेगी।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि झामुमो का यह सार्वजनिक खुलासा एक रणनीति हो सकती है, जो सार्वजनिक भावनाओं को नियंत्रित करने और अपने मतदाताओं के दिल जीतने का प्रयास है। जनता ने अभी तक इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट नहीं की है।