नवीनतम बजट दस्तावेज़ को जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि यह राजकोषीय संतुलन बनाये रखेगा और साथ ही आम लोगों को राहत भी देगा। बजट में सार्वजनिक सेवाओं के लिए आवंटन के साथ-साथ किफ़ायती ऊर्जा और खाद्य सप्लाई पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
मध्यवर्गीय वर्ग के लिए प्रमुख कर राहतों में आयकर में 10% तक कटौती, डिजिटल वॉलेट पर टैक्स में छूट, और पेट्रोल एवं डीजल पर 5% तक सेल्स टैक्स में कमी शामिल है। इसके अलावा, वैश्विक समान वस्तुओं पर लागू आयात शुल्क भी घटाया गया है, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतों का खर्च घटेगा।
बजट में निवेश के क्षेत्र में भी कुछ विशेष योजनाएँ लाई गई हैं: विश्वसनीय बायो-फ्यूचर फंड, स्टार्ट-अप एक्सेलेरेटर, और ग्रामीण पायाभूत प्रोजेक्ट्स पर रियल एक्विटीज। इसके साथ ही शैक्षिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए किफ़ायती ऋण योजना भी पेश की गई है।

