गढ़वा के कुछ गांवों में आज आंधी-बारिश तेज़ी से गिरी, जिससे कई पेड़ वनबेल से नीचे गिरते हैं और बिजली के खंभे भी ध्वस्त हो जाते हैं। सड़कें जाम हो जाती हैं, जिससे यातायात में रुकावट आती है और ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ता है।

स्थानीय अधिकारी बताते हैं कि इस बार बारिश के बाद पंपों के काम न करते हुए पानी की स्थिति और भी बिगड़ रही है। बिजली कंपनी के प्रतिनिधि आज दोपहर महाराष्ट्र से आकर नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं। कई पावर लाइनें कट कर झड़ती रही, जिससे घरों और दुकानों में बिजली कटने के कारण असुविधा हो रही है।

गढ़वा पंचायत के अध्यक्ष ने स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी टीम को तैनात किया है। वे छोटे-छोटे टुकड़ों की सफाई करके सड़कें खुलवाने और विद्युत ठिकाने की मरम्मत के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही, वे गहरे पानी के कारण हो रहे बाढ़ के मामलों पर भी नजर रख रहे हैं।

सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी ने आगे बताया कि इस तरह के और बाढ़ तथा तेज़ हवाओं के मौसम में जब भी बड़े पैमाने पर नुकसान हो, तो संबंधित विभाग हमेशा तैयार रहता है। वसंत ऋतु की यह मूसम पेड़ों की सुरक्षा और विद्युत ग्रिड की मजबूती के लिए अनुकूल है, इसलिए स्थानीय अधिकारी आगामी मौसम में कदम तेज करने का प्रस्ताव रख रहे हैं।