डंडई सीएचसी में 3 प.ब. के बाद सभी विभाग बंद हो जाते हैं, जिससे अस्पताल के भीतर सन्नाटा छा जाता है।
गढ़वा के डंडई सीएचसी में सामान्य रूप से सुबह 9 हज़ार बजे से 3 प.ब. तक स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय रहती हैं। वहीं 3 प.ब., चाहे वह दिन हो या रात, अस्पताल के सभी विभाग बंद हो जाते हैं। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर नर्सों की अनुपस्थिति के कारण उपचार और देखभाल के प्रावधान थम जाते हैं।
अस्पताल के अंदर खाली वॉर्ड, धीमी आवाज़ों के साथ अभी तक किसी की नज़र नहीं पड़ती और मरीजों की चिंता स्पष्ट दिखाई देती है। इस सन्नाटे के कारण, कई रोगी देर तक इंतजार करते हैं, जबकि उनके परिवार के सदस्यों की उलझनें बढ़ती जाती हैं। अस्पताल के कर्मचारियों के बीच संवाद के अभाव में यह परिदृश्य और भी गहरा हो जाता है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर गहराई से जाँच कर रहा है। प्रशासन ने घोषणा की है कि भविष्य में शिफ्टिंग और कवरेज की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा ताकि 3 प.ब. के बाद भी मरीजों को जरूरी उपचार उपलब्ध कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की समयसूची और प्रशिक्षण पर भी कार्यवाही की जाएगी।
इसके बावजूद, रोगियों और उनके प्रभावी परिवारों की धैर्य और आशा बनी हुई है। वे आशा करते हैं कि राज्य सरकार जल्द ही इस समयगत कमी को दूर करेगी और अस्पताल की सेवाएं बिना किसी अंतराल के उपलब्ध कराएगी।
