गढ़वा के वन सीमाओं के भीतर अवैध बालू खनन का पता लगते ही, वरिष्ठ विकास मोनिटर (एसडीएम) ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उनके निर्देशानुसार जमीनी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन इकाइयों के बीच समन्वय करके खनन स्थल पर पट्टफोंक लगाई गई और स्थानीय समुदायों के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

इसके साथ ही, मेराल क्षेत्र में 61 ट्रैक्टर द्वारा आयात की गई बालू की बस्तियाँ जब्त की गईं। जब्त की गई बालू को सीधे पर्यावरण विभाग के पास ले जाकर नष्ट या पुनर्चक्रित करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिये भविष्य में नियमित निरीक्षण और कड़ाई से दण्डात्मक कदम उठाए जाएंगे।

दोनों मामलों में, स्थानीय अधिकारियों ने पर्यावरणीय नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों को लंबी अवधि तक रोकने के लिए वैधानिक उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उनका मानना है कि इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षा होगी, बल्कि जाने-माने जड़त्वीय विकास योजनाओं को भी आगे बढ़ावा मिलेगा।