गढ़वा के एक पहाड़ी क्षेत्र में जंगली हाथियों द्वारा दो व्यक्तियों को कुचलते हुए देखा गया। दोनों की तात्कालिक मृत्यु, बीच में मामूली चोटें तथा उभरती सुरक्षा चिंताएँ
गढ़वा जिले के एक शहरी निकटवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो लोगों की मौत हो गई, जब जंगली हाथियों के एक समूह ने उन्हें कुचल दिया। घटना का समय सुबह से दोपहर के बीच हुआ और दोनों पीड़ितों को तुरंत ही मौके से हटाया नहीं जा सका।
प्रथम दर्शक बताएँ कि उनकी गाड़ी चलाते हुए चटाई के पास एक अकेले हाथी ने अचानक शोर कर पास आने छोड़ा। वह हाथी बड़प्पन से भरा हुआ था और गाय की ओर बढ़ते हुए, एक दम से दोनों व्यक्तियों को घिरा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के अनुसार, दोनों पीड़ित तुरंत ही कार्यस्थल से हटाए जाने के बावजूद अपने आंदोलनों में तेज़ बदली की क्षमता के बिना, दृश्य पर ही आयुष्मान निपट गए।
स्थानीय पुलिस और जंगली जीव संरक्षण अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और पहिया पक्षपाती प्रतिक्रिया के तहत रक्षात्मक कदम उठाए। सबूत और शव रजिस्ट्रेशन के बाद, अधिकारियों ने पुष्टि की कि पीड़ितों की उम्र क्रमशः 32 तथा 27 वर्ष थी, तथा किसी भी प्रकार के मादक द्रव्य का सेवन नहीं पाया गया। पशु व्यवहार विज्ञानियों ने बताया कि ऐसी घटनाएँ अक्सर मनुष्य और प्रकृति के बीच अनजाने में मिश्रण से होती हैं, जब हाथी का माननीय क्षेत्र गड़बड़ी में होता है।
इस घटना के बाद, जंगली जीव संरक्षण विभाग ने अनिवार्य रूप से सावधानीपूर्वक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें स्थानीय निवासियों और पशु संरक्षण सम्बन्धी कार्यकर्ताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण व सूचना सत्र आयोजित किए जाएंगे। आगे चलकर सरकार आने वाले महीनों में क्षेत्रीय निगरानी नियमों को और सख्त करेगी और कठिनायी वाले क्षेत्रों में शरद वृष्टि के दौरान हाथियों के आवागमन का मानचित्रण करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
