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मझिआंव की बेटी प्रिया उरांव ने रचा इतिहास: नेशनल एथलेटिक्स में जीता स्वर्ण पदक, घर में जश्म का माहौल

रविवार, 12 अप्रैल 2026
garhwa
By NR Desk

गढ़वा की एक और बेटी ने खेल जगत में जिले का मान बढ़ाया है। मझिआंव प्रखंड की रहने वाली प्रिया उरांव ने चेन्नई में आयोजित 100 मीटर की दौड़ में गोल्ड जीतकर न केवल अपना सपना पूरा किया, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है।

संघर्ष, जज़्बा और जीत... ये तीन शब्द प्रिया उरांव की कहानी को बखूबी बयान करते हैं। मझिआंव के एक अत्यंत गरीब परिवार से आने वाली प्रिया ने वह मुकाम हासिल किया है जो किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। चेन्नई में शनिवार को नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान प्रिया ने हवा की रफ्तार से दौड़ते हुए 100 मीटर की रेस केवल 11.5 सेकंड में पूरी कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

मिट्टी के मैदान से सिंथेटिक ट्रैक तक:
प्रिया के पिता एक ईंट भट्ठे में मज़दूरी करते हैं। प्रिया के पास दौड़ने के लिए जूते तक नहीं थे, वह गांव के खेतों और उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर नंगे पांव प्रैक्टिस करती थी। "शुरुआत में लोग टोकते थे कि लड़की होकर शॉर्ट्स पहनकर क्यों दौड़ती है, लेकिन मेरे पिता ने हमेशा कहा कि तू बस भाग, मैं तेरे पीछे हूँ," प्रिया ने भर्राई आवाज़ में एनआर न्यूज़ को बताया। उनकी मेहनत को स्थानीय कोच मनोज यादव ने पहचाना और उन्हें सही दिशा दी।

सफलता का राज:
प्रिया की डाइट में प्रोटीन पाउडर नहीं, बल्कि मड़ुआ की रोटी और चना शामिल था। वे रोज़ाना सुबह 4 बजे उठकर 10 किमी की दौड़ लगाती थीं। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि सुविधाओं से ज़्यादा संकल्प मायने रखता है। पदक जीतने के बाद जैसे ही प्रिया की जीत की खबर मझिआंव पहुँची, पूरे प्रखंड में खुशियों की लहर दौड़ गई। लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उनके घर पहुँचने लगे।

सरकारी मदद की उम्मीद:
प्रिया का अगला लक्ष्य ओलंपिक है, लेकिन इसके लिए उन्हें वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग और डाइट की ज़रूरत है। अभी तक उन्हें सरकार की ओर से कोई बड़ी वित्तीय सहायता नहीं मिली है। "अगर सही मदद मिले तो प्रिया भारत के लिए पीटी उषा बन सकती है," कोच मनोज का कहना है। खेल प्रेमियों और समाजसेवियों ने राज्य सरकार से प्रिया को सम्मानित करने और उसे नौकरी देने की मांग की है।

प्रेरणा:
प्रिया उरांव आज गढ़वा की हज़ारों किशोरियों के लिए 'आइकन' बन गई हैं। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि बाधाएं उन्हीं को रोकती हैं जिनमें उड़ने का जज़्बा नहीं होता। एनआर डेली न्यूज़ प्रिया की इस ऐतिहासिक जीत पर उन्हें बधाई देता है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है। पूरा झारखंड प्रिया की अगली दौड़ का इंतज़ार कर रहा है।

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NR Bureau is a senior intelligence correspondent for NR Global Agency, specializing in regional geopolitical developments and sociopolitical analysis.

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