अगर आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार चुप रहने लगा है, तो उससे बात करें। उन्हें ये न कहें कि 'सब ठीक हो जाएगा' या 'खुश रहा करो', बल्कि उन्हें ये महसूस कराएं कि आप उनके साथ हैं। उन्हें पेशेवर मदद (Therapy) के लिए प्रोत्साहित करें। कभी-कभी बस किसी का हाथ पकड़कर उसे शांति से सुनना ही सबसे बड़ी थेरेपी होती है।