शिक्षा मंत्रालय आगामी सत्र 2026-27 से बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में आमूल-चूल बदलाव करने जा रहा है। अब छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने का विकल्प मिल सकता है, जिससे उनका मानसिक दबाव कम होगा। इसके अलावा, रटने के बजाय क्रिटिकल थिंकिंग और व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। कौशल विकास को मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है ताकि छात्र रोजगार के लिए तैयार हो सकें।