यौन शिक्षा केवल शारीरिक क्रियाओं के बारे में नहीं, बल्कि शरीर की सुरक्षा, सहमति (Consent) और स्वस्थ रिश्तों के बारे में है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के सवालों को दबाने के बजाय उन्हें सरल और वैज्ञानिक भाषा में जवाब दें। इससे बच्चे 'बैड टच' और शोषण जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होते हैं और गलत सूचनाओं से बचते हैं।