Home>News>jharkhand

1000-1000 रुपये में बिक रहे थे पेपर: पेपर लीक का आर्थिक खेल, दलालों का नेटवर्क

पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जब पेपर लीक के पैसों के प्रवाह का पीछा करना शुरू किया, तो सामने आया एक बेहद संगठित और परतदार वित्तीय नेटवर्क।

ByThinkIndia.press Bureau
Published On 9 अग॰ 2026
1000-1000 रुपये में बिक रहे थे पेपर: पेपर लीक का आर्थिक खेल, दलालों का नेटवर्क
Representative Image [ThinkIndia.press Bureau]

Key Highlights

  • झारखंड पेपर लीक कांड पर विस्तृत और सच्ची रिपोर्टिंग।
  • दलालों, अधिकारियों और प्रिंटिंग प्रेस के बड़े गठजोड़ का खुलासा।
  • SIT की रिपोर्ट और गिरफ्तारियों पर एक्सक्लूसिव कवरेज।

जमशेदपुर/बोकारो, 2 अप्रैल 2022: पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जब पेपर लीक के पैसों के प्रवाह का पीछा करना शुरू किया, तो सामने आया एक बेहद संगठित और परतदार वित्तीय नेटवर्क, जो किसी माफिया रैकेट की तरह राज्य भर में फैला हुआ था। यह खेल ₹500 के नोटों से शुरू होता था और 50 लाख रुपये की हवाला डील तक जाता था। पेपर लीक का बाजार इतना बड़ा था कि कई जिलों में दलालों ने अपने-अपने ‘टेरिटरी’ बाँट रखे थे।

जाँच में पाया गया कि प्रश्नपत्रों की कीमत बिल्कुल वैसे ही तय होती थी जैसे शेयर बाजार में किसी स्टॉक की। परीक्षा से 7 दिन पहले अगर किसी को पेपर चाहिए होता था, तो उसे प्रति विषय ₹50,000 तक चुकाने पड़ते थे। परीक्षा से 24 घंटे पहले यह कीमत घटकर ₹10,000-15,000 हो जाती और परीक्षा वाली सुबह मात्र ₹1000-2000 में पीडीएफ उपलब्ध हो जाती थी। यह मूल्य निर्धारण दलालों ने बहुत ही सोच-समझकर किया था ताकि हर हैसियत का ग्राहक उनके जाल में फँस सके। ‘प्रीमियम ग्राहकों’ के लिए तो पेपर के साथ हल प्रश्नपत्र (सॉल्व्ड पेपर) भी उपलब्ध कराया जाता था, जिसकी कीमत और भी अधिक होती थी।

इस आर्थिक नेटवर्क का सबसे निचला पायदान थे स्थानीय दलाल, जो कोचिंग सेंटरों के बाहर, चाय की दुकानों पर, और यहाँ तक कि परीक्षा केंद्रों के गेट पर खड़े होकर छात्रों को टारगेट करते थे। ये दलाल अक्सर पूर्व छात्र या ड्रॉपआउट होते थे, जिनकी स्थानीय भाषा और लहजा छात्रों को विश्वास दिलाने में कारगर साबित होता था। इनसे ऊपर थे ‘एरिया मैनेजर’, जो 4-5 स्कूलों के दलालों से कमीशन लेते और ऊपर के स्तर तक पैसा पहुँचाते थे। सबसे ऊपर थे ‘मास्टर डिस्ट्रीब्यूटर’ – ये वे लोग थे जिनका सीधा संपर्क बोर्ड या प्रिंटिंग प्रेस के अंदरूनी सूत्रों से था।

पैसे का लेन-देन अधिकतर कैश या हवाला के जरिए होता था ताकि कोई बैंक ट्रेल न छूटे। कई मामलों में तो छोटे-मोटे लेन-देन के लिए पेटीएम, गूगल पे और फोनपे का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन उसके लिए भी नकली आईडी से बनाए गए एकाउंट्स का प्रयोग होता था। पुलिस ने जब पिछले तीन वर्षों के हवाला ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया तो अनुमान लगाया कि इस पूरे सिंडिकेट का सालाना टर्नओवर 15-20 करोड़ रुपये के बीच था। यह राशि केवल JAC बोर्ड तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं और राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं तक में इसी तरह के पैसे का खेल सामने आया।

दलालों के बैंक लॉकरों और घरों से जब नोटों की गड्डियाँ बरामद हुईं, तो उनमें 2000 के नोटों की भरमार थी – यह बताने के लिए काफी था कि पेपर लीक का व्यवसाय किस हद तक फल-फूल रहा था। आर्थिक शाखा की रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह था कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनावी खर्च और बेनामी प्रॉपर्टी में भी निवेश किया गया था। पेपर लीक अब केवल एक शैक्षणिक अपराध नहीं रह गया था, यह संगठित अपराध का वह रूप बन चुका था, जो प्रदेश की जड़ों तक अपनी जहरीली शाखाएँ फैला चुका था।

Advertisement
Adamazon.in • Festive Collection50% OFF
Sponsored
Yashika विमेंस ट्रेडिशनल साटन बुट्टी साड़ी (ब्लाउज पीस सहित)
-50%
Yashika Store•
4.4(1,240+)
•✓prime

Yashika विमेंस ट्रेडिशनल साटन बुट्टी साड़ी (ब्लाउज पीस सहित)

₹899₹1,799बचत ₹900 (50%)
इस खबर को शेयर करें (Share this News)
Adamazon.in • Festive Collection50% OFF
Sponsored
Yashika विमेंस ट्रेडिशनल साटन बुट्टी साड़ी (ब्लाउज पीस सहित)
-50%
Yashika Store•
4.4(1,240+)
•✓prime

Yashika विमेंस ट्रेडिशनल साटन बुट्टी साड़ी (ब्लाउज पीस सहित)

₹899₹1,799बचत ₹900 (50%)
Sponsored

विशेष प्रायोजक एवं सत्यापित सेवाएं (Featured Partners)

Google & Shopify Verified
Adbrightbookstore.in • Premium Stationery StoreFLAT 30% OFF
Sponsored
Bright Books Stationery
-30%
BrightBooks Store•
4.9(540+ reviews)
•✓ Free Delivery Available

ब्राइट बुक्स एवं स्टेशनरी — प्रीमियम नोटबुक्स, आर्ट सप्लाइज व लग्जरी पेन

Doms, Pentonic, Brustro, Camlin पर 30% तक की छूट • स्कूल, कॉलेज व ऑफिस स्टेशनरी थोक भाव पर।

Starting ₹49•📍 मदरसा रोड, गढ़वा
Adrupeshvish.com • Full-Stack Web & App Development
Sponsored
Rupesh Vishwakarma Website Designer
रूपेश विश्वकर्मा•100+ सफल वेबसाइट्स व पोर्टल्स•✓ 3 Days Fast Delivery

अपनी दुकान, स्कूल या बिज़नेस के लिए आधुनिक वेबसाइट व ऐप बनवाएं

Next.js, React, Google SEO, ई-कॉमर्स व ऑटोमेटेड बिलिंग सॉफ्टवेयर | मात्र 3 दिनों में लाइव!

इस खबर को शेयर करें

Logo

ThinkIndia.press Support

Bureau Desk Online

ThinkIndia Digital Bureau • 2026