आजकल का युवा बहुत प्रैक्टिकल हो गया है। इसी से जन्म हुआ है एक नए ट्रेंड का— "अरेंज-लव मैरिज"। इसमें माता-पिता या मैट्रिमोनियल साइट्स के ज़रिए लड़का-लड़की मिलते हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से उन्हें 6 से 8 महीने का डेटिंग का समय दिया जाता है ताकि वे एक-दूसरे को समझ सकें।