एक लड़की का असली सशक्तिकरण उसकी आर्थिक आज़ादी (Financial Independence) में छिपा है। अब वो ज़माना गया जब लड़कियां पैसों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं। हर लड़की को अपनी कमाई या पॉकेट मनी का कुछ हिस्सा सेव और इन्वेस्ट करना सीखना चाहिए।

अगर कोई लड़की अपना खुद का छोटा बिज़नेस (बुटीक, बेकरी, या डिजिटल मार्केटिंग) शुरू करना चाहती है, तो सरकार 'स्टैंड-अप इंडिया' (Stand-Up India) और 'मुद्रा योजना' के तहत बिना किसी बैंक गारंटी के लाखों का लोन दे रही है। खुद कमाएं और अपने सपनों को खुद उड़ान दें!