"शर्मा जी का बेटा डॉक्टर बन गया, तुम भी बनो": झूठी शान के चक्कर में कैसे बच्चों की बलि ले रहा है कोटा?
अपने अधूरे सपने और समाज में दिखावे के लिए बच्चों को रेस के घोड़े में तब्दील कर रहे हैं पेरेंट्स, मानसिक दबाव से टूट रहे हैं मासूम
ByThinkIndia.press Bureau
Published On 30 मई 2026

Representative Image [ThinkIndia.press Bureau]
कई बार यह बच्चों का सपना नहीं, बल्कि माता-पिता की वह झूठी शान होती है जो वे समाज के सामने पेश करना चाहते हैं। आज कोटा जैसे कोचिंग हब में जो बच्चे अपनी जान दे रहे हैं, उनके पीछे सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं, बल्कि "लोग क्या कहेंगे" का खौफ है। पेरेंट्स अपने बच्चों से ज्यादा रिश्तेदारों की परवाह करते हैं।
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